एक बार एक अंग्रेज हिन्दुस्तान में आया उसने एक दुकानदारसे कहा कि मुझे आप हिंदी सिखाओ. मैं आपकेयहां नौकरी करूंगा. उसने कहा मेरे पास एक सेबकी दुकान है.यहां जो भी ग्राहक आता है वो तीनचीजें बोलता है.पहली: सेब क्या भाव है?दूसरी: कुछ खराब हैं?तीसरी: मुझे नहीं लेने.इसके बाद अंग्रेज को बताया इनके जवाब में उसको बोलना है तीस रूपए किलो. फिर कहना है कुछ-कुछ खराब हैंऔर जबग्राहक जाने लगे तो कहना तुम नहीं ले जाओगेतो कोई औरले जाएगा.थोड़ी देर बाद दुकान पर एकलड़की आई. उसने पूछा: रेलवे स्टेशन जाने को कौन सा रास्ता है? अंग्रेज ने एक बार एक अंग्रेज हिन्दुस्तान में आया उसने एक दुकानदारसे कहा कि मुझे आप हिंदी सिखाओ. मैं आपके यहां नौकरी करूंगा. उसने कहा मेरे पास एक सेबकी दुकान है.यहां जो भी ग्राहक आता है वो तीनचीजें बोलता है.पहली: सेब क्या भाव है?दूसरी: कुछ खराब हैं?तीसरी: मुझे नहीं लेने.इसके बाद अंग्रेज को बताया इनके जवाब में उसको बोलना हैतीस रूपए किलो. फिर कहना है कुछ-कुछ खराब हैंऔर जबग्राहक जाने लगे तो कहना तुम नहीं ले जाओगे तो कोई और ले जाएगा.थोड़ी देर बाद दुकान पर एकलड़की आई. उसने पूछा: रेलवेस्टेशन जाने को कौन सा रास्ता है? अंग्रेज नेकहा तीसरूपए किलो. लड़की ने कहा: तेरा दिमाग खराब हैक्या?अंग्रेज ने कहा कुछ-कुछ खराब है. लड़की नेकहा: तुझे थानेलेकर जाना पड़ेगा. अंग्रेज ने कहा: तुम नहीं लेजाओगेतो कोई और ले जाएगा. हम तो खड़े ही है इस कामके लिए!कहा तीसरूपए किलो. लड़की ने कहा: तेरा दिमाग खराब हैक्या?अंग्रेज ने कहा कुछ-कुछ खराब है. लड़की नेकहा: तुझे थानेलेकर जाना पड़ेगा. अंग्रेज ने कहा: तुम नहीं ले जाओगेतो कोई और ले जाएगा. हम तो खड़े ही है इस काम के लिए!
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